सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

ना मैं हिंदू हूँ,ना मैं मुसलमान हूँ

ना मैं हिन्दू हूँ,ना मैं मुसलमान हूँ।
मैं भारत का नागरिक और इंसान हूँ।।
मुझे नही पता इन मजहब वालो की चाल का।
मुझे नही पता हिन्दू मुस्लिम के ख्याल का।।
ना मुझे जरूरत इन सब को जानने की।
ना मुझे जरूरत इनमें कमी निकालने की।।
चंद धर्म के ठेकेदारों ने हाहाकार मचा दिया।
हिन्दू मुस्लिमो को आपस मे लड़ा दिया।।
कुछ तथाकथित हिंदू तो अधिक नीचता दिखा रहे।
हिंदुओ-हिंदुओ को ही दलित-सवर्ण कहकर लड़ा रहे।।
ये सब राजनीतिक के हथकण्डे है।
हिंदू मुस्लिम नही हमाम में भाई सब नंगे है।।
अब संभलकर तुम लोगो को चलना होगा।
अब तक तो छले गए,लेकिन अब बचना होगा।।
 इंसानियत ही धर्म है,ये सब को बतलाओ तुम।
जाती-धर्म की राजनीति नही,अब इंसानियत को अपनाओ तुम।।
स्वतंत्र अनुज कुमार

टिप्पणियाँ